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Electrical Engineer Kaise Bane?

Electrical Engineer Kaise Bane?

यदि electrical engineer banana apka dream aur goal hai to aap sahi website hai aye hai mai es post मे इन engineering के बारे मे बता रहा हुँ | वैसे तो आपको पता हि होगा की electrical engineering क्या होता है but फिर भि मै thodi उसके बारे मे बता दे रहा हुँ |

Electrical Engineering Kya Hai?

इस engineering मे जितने भि electric device होते है उनकी study कराइ जाती है | और जब आपकी study complete हो जाती है तो आप किसी भी goverment job या private job करते है जिसमे hydrill,transforms,wind wheel,metro etc मे आपको काम करना होता है वो आपके उपर depend करता है की आप किस project पर work करोगे |

arifabid.com

How Can Become A Electrical Engineer?

  • Step1# electrical engineer बनने के लिये आपको सबसे पहले 12th final करना होगा | और वो भि physics,chemistry और mathematics से | अगर आपको btech करना है तो अगर आप diploma करना चाहते है तो आप 10th के बाद diploma electrical इंजिनियरिंग से कर सकते है |आपको engineer बनना है तो इन subjects मे आपको better knowleadge होने चाहिये | नही तो आप कोई भि entrance clear नही कर पायेन्गे |
  • Step2#जब 12th Final हो जाये तब क्या करे |जब आपका 12th complete हो जाये तब आपको entrance exam देने होंगे और आपके 12th मे  Better percentage hone चाहिये |Step#3-Electrical Engineer बनने के लिये कौन से Exam दे ?

  • #IIT JEE--iit jee अपने india के सबसे best और high leval की engineering institute है अगर आप सबसे better government college मे study करना चाहते हो तो आपको ये entrance exam देना होगा | इसमे all india rank बनता है |
iit jee
ये exam दो प्रकार से होती है पहले आपको iit main का exam देन होता है उसके बाद अगर आप qualified हो जाते हो तो आपको दुबारा iit jee advance का exam देना होता है और अगर आप इस exam मे bhi qualified हो गये तो आपको iit college मिलते है pure india मे जो select करोगे वो college मिलेगा | और हाँ इस exam को देने के लिये आपके 12th मे 75%+ होने चाहिये |
मै अब ज्यादा कुछ इसके बारे मे यहाँ नही बता रहा क्योकी ये मेरा topic नही है |
#B.Tech -आप चाहे तो btech का भि entrance exam देकर btech से electrical engineer कर सकते हो ये एक state leval का एंट्रेन्स होता है | अगर आप इसमे rank करोगे तो आपको better government college मिल जायेन्गे | ये 4 years की degree होती है | और इसमे 8 semester होते है |
#Diploma --आप चाहे तो diploma से भि electrical engineering कर सकते है | ये 3 years का course होता है | अगर आप 10th के बाद diploma करोगे तो आपको 3 years diploma करना होगा but अगर आप 12th के बाद karoge diploma तो आपको option मिलता है direct 2nd year मे admission कराने का |
तो friends आपको जो अच्छा लगे उसे अपना goal set करके preparation किजिये |
Important अगर आपकोelevtrical engineering government college से करनी है तो आपको किसी भि entrance exam मे चाहे iit,btech या diploma हो better rank लाने होते है नही तो आपको दूसरी engineering मिल जाता है |
आब आप समझ गये होंगे की आपको केसे तैयारी करनी होगी और   अपने dream के नज्दीक  कैसे पहुंचे |
तो friends बस अब तैयारी मे लग जाओ |
आपने मेरे site पर अपना कितमी time spend किया इसके लिये आपको बहुत बहुत धन्यबाद |👋👋👋👋

Aeronautical Or Aircraft Mentinence Engineer Kaise Bane ?

Aeronautical or Aircraft Mentinence Engineer Kaise Bane?

hello friends
aaj mai apko is post me batane wala hun ki aeronautical engineering kya hota hai.aur ham aeronautical engineer kaise bane.apne apne बचपन से हि sky मे aeroplane,helicopter देखे होंगे | तो आपके मन मे जरुर आता होगा ये कैसे fly करता है air मे गिरता क्यो नही है |
इसको भि बनाने वाले engineer हि होते है जो बहुत हि मेहनत के बाद aeronautical engineer बनते है | यह एक बहुत हि better field है succcess होने की| इसमे बहुत हि आगे जाओगे | अगर aeronautical engineer बनना आपका dream है तो ये post आपके लिये बहुत हि important है आज मै इस post मे bataunga की aeronautical engineer बनने के लिये हमे किन किन subjects पर ध्यान देने होंगे और बहुत कुछ मै यहाँ share करने वाला हुँ |

Aeronautical Engineering Kya Hai ?

इस engineering मे आपको aeroplane,missile,aircraft,jet etc के mentinece और इनको बनाने का work होता है ये एक बहुत हि अच्छी field है engineering की |

aeroplane

How Can Become A Aeronautical Engineer

  • Step1#--aeronautical engineer बनने के लिये आपको सबसे पहले 12th final करना होगा | और वो भि physics,chemistry और mathematics से | अगर आपको engineer बनना है तो इन subjects मे आपको better knowleadge होने चाहिये | नही तो आप कोई भि entrance clear नही कर पायेन्गे |
  • Step2#-जब 12th Final हो जाये तब क्या करे |जब आपका 12th complete हो जाये तब आपको entrance exam देने होंगे और आपके 12th मे  Better percentage hone चाहिये |
  • Step#3-Aeronautical Engineer बनने के लिये कौन से Exam दे ?

##IIT JEE

iit jee अपने india के सबसे best और high leval की engineering institute है अगर आप सबसे better government college मे study करना चाहते हो तो आपको ये entrance exam देना होगा |

iit jee
ये exam दो प्रकार से होती है पहले आपको iit main का exam देन होता है उसके बाद अगर आप qualified हो जाते हो तो आपको दुबारा iit jee advance का exam देना होता है और अगर आप इस exam मे bhi qualified हो गये तो आपको iit college मिलते है pure india मे जो select करोगे वो college मिलेगा | और हाँ इस exam को देने के लिये आपके 12th मे 75%+ होने चाहिये |
मै अब ज्यादा कुछ इसके बारे मे यहाँ नही बता रहा क्योकी ये मेरा topic नही है |

#BTech-

आप चाहे तो btech का भि entrance exam देकर btech से aeronautical engineer कर सकते हो ये एक state leval का एंट्रेन्स होता है | अगर आप इसमे rank करोगे तो आपको better government college मिल जातेन्गे | ये 4 years की degree होती है |

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#Diploma-

आप चाहे तो diploma से भि aircraft mentinence engineer कर सकते है | ये 3 years का course होता है |
Important अगर आपको aeronautical engineering government college से करनी है तो आपको किसी भि entrance exam मे चाहे iit,btech या diploma हो better rank लाने होते है नही तो आपको दूसरी engineering मिल जाता है |
आब आप समझ गये होंगे की आपको केसे तैयारी करनी होगी और   अपने dream के नज्दीक  कैसे पहुंचे |
तो friends बस अब तैयारी मे लग जाओ |
आपने मेरे site पर अपना कितमी time spend किया इसके लिये आपको बहुत बहुत धन्यबाद |👋👋👋👋

Hybridisation Kya Hota Hai? Kitane Prakar Ka Hota Hai?

Hybridisation Kya Hota Hai? Kitane Prakar Ka Hota Hai?

Hybridisation [संकरण]

जब दो या दो से अधिक  समान प्रकार के अथवा लगभग समान energy के orbital mixed होकर समान energy के उतने ही orbital बनाते है तो इस प्रतिक्रिया को संकरण कहते है तथा इस प्रकार बने orbitals को hybrid orbital कहते है |
Example-Carbon का एक 2s-orbital तथा तीन 2p-orbital संकरित होकर four नये sp3-hybrid orbital बनाते है |

Types of Hybridisation

संकरण कई प्रकार के होते है |

1-Sp-Hybridisation

इस प्रकार के hybridisation मे एक s-subshell तथा एक p-subshell का orbital संकरित होकर दो समान energy व  अकृती के नये sp-hybrid orbitals का निर्माण करते है |प्रत्येक sp संकरित orbital मे 50% s-लछड़ तथा 50% p- लछड़ होता है |
example-Becl2,C2H2 etc.

2-sp2 Hybridisation

इस प्रकार के संकरण मे s-subshell तथा दो p-subshell के orbital संकरित होकर समान उर्जा व आकृती के तीन sp2-hybrid orbital बनाते है |
ये तीनो sp2 orbital त्रिकोनिय समतली arange मे 120 degree के angle पर arange होते है | प्रत्येक  sp2-orbital मे 33.3% s-लछण तथा 66.7% p- लछण होता है | इसे trigonal hybridisation भि कहा जाता है |
examples-BCl3,C2H4 etc.

3-sp3 Hybridisation

इस प्रकार के संकरण मे एक s-subshell तथा तीन p-subshell के orbital संकरित होकर समान उर्जा व आकृती के Four sp3-hybrid orbital बनाते है | प्रत्येक sp3-orbital मे 25% s लछण तथा 75% p लछण होता है | sp3 संकरित orbital चतुस्फलक के चार कोनो की ओर निर्देशित होते है तथा इनके बिच 109.5 degree का angle होता है |
example-CH4,

4-sp3d-Hybridisation

इस प्रकार के संकरण मे एक s-subshell, तीन p-subshell तथा एक d-subshell के orbital संकरित होकर समान उर्जा व आकृती के Five sp3d-hybrid orbital बनाते है | ये एक तल मे होते है और परस्पर 120 degree का angle बनाते है |
example-PCl5 etc.

5-sp3d2 Hybridisation

इस प्रकार के संकरण मे एक s-subshell, तीन p-subshell तथा दो  d-subshell के orbital संकरित होकर समान उर्जा व आकृती के Six sp3d2-hybrid orbital बनाते है | जो समअस्तफलक के 6 कोनो को निर्दिस्ट करते है | इनमे  किन्ही दो hybrid orbital के मध्य 90 degree का angle होता है |
example-SF6 etc.

6-sp3d3 Hybridisation

इस प्रकार के संकरण मे एक s-subshell, तीन p-subshell तथा तीन d-subshell के orbital संकरित होकर समान उर्जा व आकृती के seven sp3d3-hybrid orbital बनाते है | जो एक pentagonal bipyramidal arange होते है | प्रत्येक orbital के मध्य 72% के angle होता है |
example-IF7(iodin heptafloride)

7-dsp2-Hybridisation

इस प्रकार के संकरण मे एक d-subshell, एक  s-subshell तथा दो p-subshell के orbital संकरित होकर समान उर्जा व आकृती के Four dsp2-hybrid orbital बनाते है | hybridisation complex compounds मे पाया जाता है |
examples-[Ni (CN)4]2- etc.

यहाँ हमने hybridisation के बारे मे jankari share की i hope आपको मेरी ये लेख पसंद ऐ होगी |

What is Base? In Hindi

What is Base? In Hindi

What Is Base?In Hindi

आज मै इस post मे बताने वाला हुँ की base क्या होते है | इसकी properties क्या होती है | इनकी nature क्या होती है |
प्रारंभ मे base उस पदार्थ कहते थे जो स्वाद मे कड्वे लगते थे |
Arrhenius के अनुसार - वे पदार्थ  जो aqueous solution मे वियोजित होकर negative ions के रुप मे (OH-) hydroxide ion देते है Base कहलाते है |

Example
KOH = K+(aq) + OH-(aq)

Bronsted Lowry Concept

arrhenius की theory अजलिय विलयनो मे पदार्थ की क्षरियता को नही समझा सका |
Bronsted और lowry के अनुसार क्षार की definition निम्न है |
वे पदार्थ जो जलिय विलयन मे proton ग्रहण करते है base कहलाते है |

Example

NH3 + H2O = NH4+  + OH-

Types of Base 

1-Strong Base- strong base vo base hote hai jo H2O me dissolve ho jate hai.
example-NaOH,KOH,LiOH etc.
2-Weak Base-aur jo base bahut kam matra me dissolve hote hai weak base kahlate hai.

Properties of Base

1-क्षार स्वाद मे कदवे होते है |
2- ये red litmas paper को नीला कर देते है |
3-वशा तेलो के साथ क्रिया करके साबुन व गिल्सराल बनाते है |

तो friends अब आपको समझ आ गया होगा की base क्या होते है और इनकी property क्या होती है |

I  Hope आपको मेरी ये लेख अच्छी लगी हो |

What Is Acid ? In Hindi

What Is Acid ? In Hindi

What Is Acid ? In Hindi

आज मै यहाँ आपको अम्ल के बारे मे बताने वाला हुँ | अम्ल क्या है | इसकी nature कैसी होती है | और इसके गुण क्या क्या है |
प्रारंभ मे अम्ल की defintion उनके स्वाद के आधार और litmas paper के प्रती वयहवार के आधार दि गई थि | जो पदार्थ खट्टे होते है उन्हे अम्ल कहा जाता था | लेकिन कुछ time बाद  scientist Arrhenius ने अम्ल और क्षार की व्यख्या की और उनका definition भी दीया |

What Is Acid?

Acids (अम्ल)
Arrhenius के अनुसार--
वे पदार्थ जो जलीय विलयन मे वियोजित होकर केवल हाइड्रोजन ion [H+] देते है | अम्ल कहलाते है |

Examples-

HCl(aq) = H+(aq) + Cl-(aq)

arrhenius की Theory की कुछ सिमाये भि थि|
 क्योकी  अम्ल की ये definition CO2 और SO2 के लिये लागू नही होता था |
aarhenius theory के द्वारा अजलिय anhydrous solutions मे पदार्थ की अम्लियता को समझाया नही जा सकता है |

Bronsted-Lowry Concept

bronsted और lowry के अनुसार अम्ल वे पदार्थ है,जो जलीय विलयन मे proton (H+) प्रदान करते है |
Example
HCl +H2O = H3O+  +Cl-

Types Of Acids

two types of acid
1-Strong Acid-ve acid jo H2O me complete dissolve ho jate hai strong acid kahlate hai.example-HCl,H2SO4 etc.
2-Weak Acid-aur jo complete inisate nahi hote hai weak acid khlate hai.example HCN,CH3COOH etc.

Properties of Acid

1-अम्ल blue litmas paper को लाल कर देते है
अम्ल स्वाद मे खट्टे होते है |
2-अम्ल क्षार से क्रिया कर salt तथा Water बनाते है |
Acid + Base = Salt + Water
तो फ्रेंड्स ये थे अम्ल के गुण आपको मेरी ये लेख कैसी लगी कमेंट मे जरुर बताये |

What is Quantum Number ? How many types of quantum numbers?in hindi

What is Quantum Number ? How many types of quantum numbers?in hindi

Quantum Numbers

what is Quantum numbers?how many types of quantum numbers?

आज मै आपको इस post मे quantum numbers के बारे मे jankari share करने वाला हुँ |

What is Quantum Number?

वे numbers जिनके द्वारा किसी atom मे electrons की सहि स्थती तथा उर्जा का पूर्ण वर्णन किया जाता है | Quantum numbers कहलाते है |

Quantum Numbers के प्रकार निम्न है |

1-Principal Quantum Number मुख्य क्वान्टम नम्बर(n)

this specify position and energy of an electron in the atom.
ये quantum number electron की नभिक से दूरी तथा atom के electron के उर्जा को दर्शाती है |इसकी खोज bhor ने किया था| इस quantum number को  'n' से प्रदर्शित करते है |
यहाँ n का मान 1 से अनन्त तक होता है |
K shell= 1 = n
L shell= 2 = n
M shell= 3 = n
N shell = 4 = n

ये कोशो की principal quantum numbers है |

2-Azimuthal Quantum Number द्विगन्शी क्वान्टम नम्बर (l)

This is used to specify subshell.The value of l also determine shape of orbital and angular momentum as menrioned above.
ये quantum number electron के subshell उपकछ के angular momentum या आकृती का निर्धारण करती है | इसे 'l' से प्रदर्शित करते है |
इस quantum number की खोज सोमरफिल्ड ने किया था|

यहाँ l का मान 0 से n-1 तक होता है |
s subshell = 0 = l
p shunshell =1 =l
d shubshell = 2 =l
f subshell = 3 = l
ये उपकोशो की azimuthal quantum number है |

3-Magnetic Quantum Number चुम्बकिय क्वानटम संख्या (m)

It determine the preferred orientation of orbitals in three dimentional space.

ये qunatum संख्या sunshell के orbitals की अभिविन्यास को निर्धारित करते है |इसकी खोज lande ने की थी| इसे m से प्रदर्शित करते है |
इसका मान -l से +l तक होता है |
l=0, m= 0
l=1,m= -1,0,1
l=2,m= -2,-1,0,1,2

इस तरह से आप किसी भि orbital के लिये magnetic quantum number लिख सकते है |

4-Spin Quantum Number चक्रण क्वानतम संख्या (s)

Electrons spin on its own axis like a top,in clockwise and anti-clockwise directions.
ये qunatum number electrons की orbitals मे spin की दिशा को बताता है | इसकी प्रतिपादन Gold smith And ulenbek ने कि थी|
spin up= +1/2
Spin Down= -1/2
इस तरह हम orbital मे electrons कि spin की दिशा को दर्शाते है |

तो friends यहाँ हमने quantum संख्या के बारे मे जाना आपको मेरी ये post कैसी लगी comment मे जरुर bataye.

Figure of Speech With Definition and Examples In Hindi

Figure of Speech Definition with Examples In Hindi

कभी कभी कवि अपने सामान्य मार्ग से हटकर कुछ एसी language का use करते है जिसका प्रमुख उद्देश्य अधिक प्रभाव उत्तपन करना होता है | जिससे poem को पढने मे और आनंद आ ता है |
तो आइये figure of speech को और अच्छे से जाने |

Definition of Figure of Speech

"A figure of speech is a departure from the ordinary form of expression,or the ordinary course of ideas in order to produce a greater effect." by WREN & MARTIN
काव्य की सौभा बधाने वाले words को अलंकार कहते है |यहाँ अलंकार का हिंदी और english दोनो languages मे definition दिया गया है ताकि आप इनको अच्छे से पढ और समझ सके|

Types of Figures of Speech

अलंकार को दो प्रकार मे विभाजित किया गया है |

figure of speech

A-शब्दालंकार

जब काव्य मे शब्दो के माध्यम से चमत्कार उत्पन्न होता है तो वहाँ शब्दालंकार होता है |
इस अलंकार के निम्न भेद होते है |
1-Allitration [ अनुप्रास ]
जब काव्य मे एक ही शब्द की आव्रित्ती बार बार होता है वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है |
2-Homonym [ यमक ]
जब काव्य मे एक हि वर्ण की आव्रित्ती बार-बार होता है तो वहाँ यमक अलंकार होता है  |
3-Pun [श्लेस]
जब काव्य मे एक हि word की आव्रित्ती कई बार हो और अर्थ अलग-अलग निकलता हो तो वहाँ अर्थ अलंकार होता है |

B-अर्थ+अलंकार

जब काव्य मे शब्दो के माध्यम से चमत्कार उत्तपन होता है वहाँ ये अलंकार होता है |
इस अलंकार के कई भेद होते है | यहाँ हम 12th तक के स्लवेस का हि अलंकार के बारे मे जानेन्गे |

1-Simile [ उपमा अलंकार ]

"In a simile,a comparison is made between two objects of diffrent kinds which have,however,at least one point in commom.
The simile is usually introdused by such words as like,as or so."
उपमा वह अलंकार है ,जिसमे दो अलग-अलग Objects की तुलना की जाती है ,जिसमे कम से कम एक गुण समान हो |

simile मे like,as,so etc words का use किया जाता है |

एक हि प्रकार कीदो वस्तुओ की समानता को simile नही कहा जाता है |
जैसे- Seema is as beautiful as rita.
इस sentence मे seema और रीता दोनो एक हि प्रकार की हि objects की तुलना की गई है इसिलिये यहाँ simile का प्रयोग नही माना जाता है |

Examples-


  • Life is like a dream.
  • My loves is like a red,red rose.
  • It droppeth as the gental rain from heaven.
  • She floats like a laugh from the lips of a dream.
  • I wandered lonely  as a cloud..

2-Metaphor [ रुपक अलंकार ]

It is a figure of speech that makes a comparison between two seemingly unlike things without using the connective words like as than or resembles.
रुपक वह अलंकार है जिसमे दो बिल्कुल अलग प्रकार की obejects की तुलना की जाती है ,जिनमे कम से कम एक गुण समान हो किन्तू तुल्नात्मक शब्दो का प्रयोग नही किया जाता है |
इस अलंकार मे simile जैसे तुलनात्मक words का use नही किया जाता है |

Examples


  • Life is a dream.
  • Life is the spice of life.
  • Camel is the ship of desert.
  • Frendship is a sheltring tree.
  • Life is not a bed of roses.

3-Personification [ मानविकरण अलंकार ]

In personification inanimate objects and abstract notions are spoken of as having life and intelligence.
मानविकरण अलंकार मे निर्जीव objects,मनविय विचारो और मृतको को सजिवो की भाँति प्रस्तुत किया जाता है |
personification सदैव capital letter मे लिखा जाता है |

Examples-


  • Anxiety is sitting on her face.
  • Experience is the best teacher.
  • A lie has no leg.
  • Opportunity knocks at the door but once.

4-Apostrophe [ सम्बोधन अलंकार ]

An apostrophe is a direct address to the dead,to the absent or to a personified object or idea.
सम्वोधन वह अलंकार है जिसमे निर्जीव objects,मनविई विचारो ,मृतको या apsent को सजिवो के समान प्रस्तुत किया जाता है |
इस अलंकार मे '!' चिन्ह का use किया गया होता है |

Examples


  • O Death ! Come soon.
  • Frailty ! the name is woman.
  • Life ! I know not what thou art.
  • O Mischief ! thou art swift.

5-Hyperbole [अतिश्योक्ती अलंकार ]

It is a figure of speech,in which things are shown as greater or less, better or worse than they really are.
अतिश्योक्ती अलंकार मे objects को उनकी वास्तविक स्थिति से बढकर या घटकर,बहुत अच्छा या खराब बताया जाता है |

Examples

  • Blinda smiled and all the world was gay.
  • Ten thousand saw I at a galance.
  • All the perfume of arabic will not sweeten this little hand.
  • I have not seen her for ages.

6-Oxymoron [ विरोधाभास अलंकार ]

It is a figure of speech in which two contradictory words or expressions are put together in a statement.
विरोधाभास अलंकार मे दो परस्पर विपरीत अर्थ रखने वाले शब्दो को एक हि वयक्ती या वस्तु से जोड़कर दिखाया जाता है |

Example

  • He is regularly-irregular.
  • He was feeling sweet pain.
  • Life is bitter sweet.
  • He is an innocent criminal.
  • It is an open secret.

7-Onomatopoeia [धव्नीसुचक अलंकार ]

In this figure of speech,the sound suggests the meaning.
धव्नीसुचक अलंकार मे  birds,rivers and sea,gun,clouds etc की sounds के अर्थ का बोध होता है |

Examples-

  • The cats mew.
  • The door opened with a band.
  • Swords charged and guns boomed.
  • Cuckoos coo.
  • Humming of bees.
यहाँ मैने बहुत हि easy तरिके से लिखने की कोशिश किया है ताकि आप अलंकार को अच्छे से समझ सके| I hope आपको मेरी ये artical समझ आयी होगी | आपने मेरे इस artical पर अपना कितमी टाइम waiste किया इसके लिये आपको thanks.

The Quality of Mercy By william Shakespeare Explanation

The Quality of Mercy by William Shakespeare

About The Poem

According to the poet, Mercy is an inner quality of human heart.It flows freedly.It soothes the disturbed and excited mind.It enriches both the giver and the receiver.It is the most  powerful quality of man.It decorates the king better than his crown.It wields greater influence than his sceptre and the crown.It is a divine quality.A King becomes God-like when he tempers justice.

written by William Shakespeare [1564-1616]

mercy by william shakespeare

1-The quality of mercy is not straine'd; 
It drippeth as the gental rain from heaven 
Upon the place beneath.It is twice blest; 
It blesseth him that gives and him that takes.

Explanation:-

In order to convince shylock,Portia speaks in praise of mercy. She say that the virtue of mercy is not a thing to be executed under strain,compulsion or force.It is spontaneous.It comes naturally like gentle rain that comforts everyone and everything. It is endowed with a double blessing. It gives inward satisfastion to the person who is merciful and happiness to the one who receives it.Thus, it blesses the one who shows mercy as well as the one upon whom mercy is show.It is the modt powerful thingh in the world.  

2- It is mightiest in the mightiest : it becomes 
The thrined monarch better than his crown: 
His sceptre show the force of temporal power, 
The attribute to awe and majesty, 
Wherein doth sit the dread and fear of kings:

Explanation:-

Portia says that the grater the man, the better the quality of mercy suits him. Powerful people have great authority. Mercy is the strongest quality of a powerful man. The sceptre or the staff is merely the symbol of a king's earthly authority, the fear he inspires, the  power he wield and the reason why kingly authority is held in awe. The king sitting on his throne wears a crown on his head. The crown attributes greatness to the king.
Similarly, mercy make him even greater. A merciful king is loved and respected the most. The staff which he carries in his hands shows the greatness and power that he hold.When he look at his staff,which is the symbol of his imperial authority and power,we fear the king.

3-But mercy is above this sceptred sway, 
It is enthroned in the hearts of kings, 
It is an attribute to God Himself; 
And earthly power doth then show like'st God's 
When mercy seasons justice.

Explanation:-

mercy has been compared to the sceptre of the king.mercy is said to be much higher than the earthly power represented by kingship.It is further said that the kings might be enthroned on physics thrones,but mercy has its own throne in the heart of these kings.
In other words,mercy sites in the in the heart of the kings.it is one of the qualities of God himself.God is known for his mercy .so,when a king shows mercy,he becomes powerful as God.King's justice is,thus,softened by the quality of mercy.The king appears like God and people worship him.

to friends apko kaisi lagi poem comment me bata sakate hai.

Principle Of Uncertainity By Heisenberg (हैसेन्बेर्ग का अनिस्चितता का सिन्धान्त)

Principle Of Uncertainity By Heisenberg (हैसेन्बेर्ग का अनिस्चितता का सिन्धान्त)

"electron जैसे सुछ्म कण,कण तथा तरंग दोनो की प्रकृति अथार्थ Dual nature दर्शाते है |"

इन सुछ्म कणओ जैसे (electron,proton,neutron etc) का उनकी position और उनके momentum की गणना करने के लिये
जर्मन Physicst Werner Heisenberg ने सन 1927 मे द्रव्य और radiations के dual Nature को ध्यान मे रखते हुए सुछ्म कड़ो की स्थिति और सन्वेग के संबंध मे एक Principale दिया | जिसे हेसेन्बेर्ग का अनिस्चितता का सिन्धान्त कहते है |

Also Read:Dalton Atomic Theory in Hindi

According to This Principle
"किसी अत्यन्त सुछ्म गतिशिल कण जैसे electron,. कि स्थिति तथा सन्वेग दोनो का एक साथ यथार्थ निर्धारण करना असंभव है |"
"simultaneous and accurate measerment of both position and momentum of an electron in an atom is impossible."
माना एक अत्यन्त सुछ्म कण की स्थिति मे अनिस्चितता,DELTA x तथा सन्वेग मे अनिस्चितता, Delta p है तब
equation of uncertainity

Here,[Delta x is uncertainity in position and DELTA p is uncertainity in momentum]

h=6.62 / 10^-34 Joule-Second

अनिस्चितता के निस्चित होने का यह अभिप्राय है की 

1#-यदि Deltax कम है मतलब की कण की स्थिति को अधिक यथार्थता के साथ मापा गया है,तो Delta P अधिक होगा अथार्त कण के सन्वेग मे अनिस्चितता अधिक होगी |

2#-इसी प्रकार यदि deltaP कम होगा तो Delta x अधिक होगा |

Significance Of Uncertainity Principle (अनिस्चितता के सिन्धान्त के महत्व )

1#-For Very Tiny Partical [ अत्यन्त सुछ्म कणओ के लिये ]

सुछम कण के लिये ये theory लागू होता है | उसकी position और momentum ग्यात करने के लिये |

2#-For Macro Particles [ब्रिह्द कण के लिये]

macro particles के लिये इसका मान नगणय माना जाता है | क्योकी किसी भि object का द्रव्यमान 1 miligram से अधिक होने पर इसके position मे uncertainity और momentum मे uncertainity का product इतना कम हो जाता है की इसे हम नगणय मानते है |

3#-Destruction Of Bohr's Hypothesis [बोर की परिकल्पना का खन्डन ]

बोर के अनुसार,electron स्थिर circular orbits मे rotate करता है तथा इसकी angular momentum क्वान्तिकृत होता है | but according to uncertainity law electron को बिना बिछोभ के देख पाना impossible है , इसिलिये ये theory Bohr के theory का विरोध करता है |और इससे पता चलता है की electron का path accurate नही हो सकता तथा ये probaibilty nature का होता है |
अत: अनिस्चितता Theory Nature की मुल सीमा (fundamental limitation of nature) है |

friends आपको मेरी ये post कैसी लगी comment मे बता सकते है और इस पोस्ट को अपने friends के साथ share करे ताकि वो भि इस principle को पढ सके |

Dalton's Atomic Theory Aur Isaki Kamiya

Dalton's Atomic Theory

matter atom से मिलकर बने होते है | किसी भि matter का सबसे छोटा कण atom होता है | सन 1808 मे scientist Jhon Dalton ने एक theory प्रस्तुत कि जिसमे इस बात को prove किया गया था की padarath छोटे-छोटे कण से मिलकर बने होते है जिन्हे Atom कहते है | और इसी theory को हि Dalton Atomic Theory कहते है |

Jhon Dalton

तो अब इस thoery को और describe से जानते है |

ACCORDING TO DALTON'S ATOMIC THEORY

1#-सभी matter छोटे छोटे kano से मिलकर बने होते है जिन्हे Atom कहते है|
2#-Atom को विभजित नही किया जा सकता है| ये chemical reactions मे non-changeable अपरिवर्तित बना रहता है |
#3- Atom को न तो उत्तपन्न किया जा सकता है और न हि नष्ट किया जा सकता है |
4#-Atom अनेक प्रकार के होते है जितने प्रकार के तत्व है उतने प्रकार के परमानु होते है |
5#-एक हि तत्व के सभी atom का द्रव्यमान,आकार और chemical properties आपस मे सामान होते है |
6#-दो या दो से अधिक तत्वो के Atom सरल गुनित अनुपात मे मिलकर compound बनाते है |
7#-chemical reaction मे atom अपना अस्तित्व बनाये रखते है |

according to Dalton-Atom तत्व का वह सुक्ष्म्तम अविभज्या कण है जो किसी भि chemical reaction मे भाग ले सकता है |

लेकिन Dalton के atomic modal मे कुछ कमिया भि थि जो बाद मे खोजो द्वारा पता चला| कमियो को नीचे drawback मे दिया गया है देख लिजिये |

DRAWBAKS OF DALTON'S ATOMIC THEORY

1#--Dalton ने atom को अविभाज्य माना था लेकिन modern खोजो से पता चला की Atom को विभाजित किया जा सकता है | atom को तीन भागो मे विभाजित किया जा सकता है |  ELECTRON,PROTON,NEUTRON
Atomic structure

2#-DALTON के अनुसार किसी एक तत्व के सभी atom का द्रव्यमान समान होता है परंतु खोजो द्वारा पता चला की एक हि तत्व के परमानु द्रव्यमान भिन्न भिन्न भि हो सकता है |
3#-Dalton के अनुसार परमानु को न तो उत्त्पन्न किया जा सकता है न तो नष्ट किया जा सकता है परंतु खोजो द्वारा पता चला की किसी तत्व के atom को दूसरे atom मे change किया जा सकता है means एक atom को नष्ट करके नया atom बनाया जा सकता है |
तो students ये था Dalton atomic theory और उसके drawbacks
एसे हि physics,chemistry की knowledge लेते रहिये | इससे related कोई भि question है तो comment मे पुछ सकते है आपको आपके question का answer बहुत जल्द हि मिलेगा|

Newton's law of Motion and Equation of Motion

Newton law of Motion and Equation of Motion

हम जानते है की सभी पिंड गति कर रहे है | पूरे universe मे कोई भि एसा पिंड नही है जो state of motion मे नही है | आपको पता होगा हमारा पुरा universe state of motion मे है |
जो time को creat करता है मतलब अगर motion नही होता तो time भि नही होता | क्योकी time की उत्पत्ती motion से होती है |

गति क्या होता है ?

यदि किसी पिंड मे समय के साथ साथ उसके इस्तथि मे परिवर्तन होता है तो वह पिंड गति की अवस्था मे कहि जाति है अगर उसके इस्तठी मे परिवर्तन नही होता है तो पिंड विरामवास्ता मे कहि जाति है |
newton के गति के नियम

Scientist Issac Newton ने गति के तीन law अपने book Principia मे publish की | newton ने किसी भि गतिशिल pind के  गति से related तीन नियम दीये जिसे गति का नियम law of motion कहते है |

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Newton Law Of Motion

scientist newton ने गति के तीन नियम दीये है |

#1-1st law of motion [ गति का प्रथम नियम ]

newton के गति के पहले नियम के अनुसार -"जब कोई पिंड (object) viramavashtha मे होती है तो viramavastha मे हि बनी रहती है अगर कोई पिंड गति की अवस्था मे होती है तो गति के अवस्था मे हि बनी रहती है,जब तक उस पिंड पर कोई भि बाह्य force ना लगाया जाय |"

इसे ही गति का प्रथम नियम कहते है |
newton द्वारा गति के नियम देने से पहले galileo ने भि नियम दिया था| इस नियम के अनुसार "किसी पिंड की अवस्था मे तबतक कोई परिवर्तन नही होता है जबतक उस पिंड पर कोई बाह्य बल [Force] ना लगाया जाय " इसे gailileo का जड़त्व का नियम कहते है |

Example-गति के प्रथम नियम के बहुत से उदाहरण है हम यहाँ कुछ example दे रहे है | ये example निम्न है  |

#1-मोड़ पर बस को घुमाने पर बस मे वैठे यत्रियो का शिर मोड़ के विपरीत direction मे होता है |
#2-पेड़ के डाल को हिलाने पर फल का टूट जाना |

#2-2nd Law of Motion [गति का द्वितिय नियम ]

इस नियम के अनुसार-"किसी भि पिंड पर लगाया गया बल उस पिंड के द्र्व्यमान और उस पिंड मे उत्तपन त्वरड़ गुड़नफल के अनुक्रमनुपाती होता hai |

अथार्त- [ F=m.a]

यहाँ* F=Force [पिंड पर लगाया गया बल]
m= Mass [ पिंड का द्रव्यमान]
a=acceleration [ पिंड मे उत्तपन त्वरण]

यह गति के द्वितिय नियम का equation का है |

गति के द्वितिय नियम के कुछ उदाहरण नीचे दिया जा रहा है |

#1-बंदूक से काँच पर गोलि चलाने पर काँच मे छेद होना लेकिन ईट चलने पर काँच का टूट जाना |
#2-किसी ईट को हाथ पर रखने पर चोट नही लगती है पर वहीं कुछ उचाई से ईट को हाथ पर गिराने से चोट लग जाति है |

#3-3rd Law of Motion [ गति का तृतीय नियम ]

इस नियम के अनुसार-"जब किसी पिंड पर बल लगाते है तो वो पिंड पहली पिंड पर उतना हाइ बल विपरीत direction मे लगाती है "

अथार्त-"प्रत्येक क्रिया की एक समान विपरीत प्रतिक्रिया होती है|"

[Action force = Reaction forceon ]

गति के तृतीय नियम के कुछ उदाहरण नीचे दीये गये है |

#1-बंदूक से गोलि चलाने पर पीछे की ओर झटका आना |
#2-किसी कुए से रस्सी द्वारा जल निकलते time रस्सी टूटने पर पीछे की ओर गिर जाना 
#3-मनुष्यो द्वारा पृथ्वी पर चलना |
#4-नाव की पतवार को चलाने पर नाव का आगे की ओर बढना |
#5-राकेट की गति |
#6-जल मे तैरना |
ये गति के तृतीय नियम के कुछ उदाहरण है|

Equation of Motion [ गति के नियम के समिकरण ]

गति के नियम के तीन equation होते है |
1- v= u+a.t
2- s=ut+1/2at.t
3-u.u=v.v+2as
यहाँ*
v=पिंड का अंतिम वेग
u=पिंड का प्रारम्भिक वेग
a=पिंड मे उत्पन त्वरण
s=पिंड द्वारा चलि गयी दूरी 
t=time,समय

इन समिकरणो द्वारा हि गति Related समस्याओ को हल solve किया जाता है |

newton द्वारा दीये गये गति के नियम हमारे लिये बहुत उपयोगी सिद्ध हुई है |
Newton को इसिलिये Physics (भौतिक) का पिता कहा जाता है |